CCS (पेंशन) नियम, 2021 के अंतर्गत पारिवारिक पेंशन की समझ” — डॉ. परमोद कुमार, निदेशक, DoP&PW
नमस्कार।
CPAN ग्राम के टोल-फ्री नंबर पर परिवार के सदस्य अक्सर पारिवारिक पेंशन की पात्रता के संबंध में जानकारी लेते हैं। वास्तव में, पारिवारिक पेंशन के लिए पात्रता का एक निर्धारित क्रम होता है, जिसमें पहले श्रेणी के परिवारजन के निधन या अपात्र हो जाने पर अगली श्रेणी के परिवारजन पात्र होते हैं। आइए इसे समझते हैं।
CCS (पेंशन) नियम, 2021 के अंतर्गत OPS से आच्छादित केंद्रीय सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी की मृत्यु की स्थिति में पारिवारिक पेंशन सर्वप्रथम मृत कर्मचारी या पेंशनभोगी के जीवनसाथी को प्रदान की जाती है। इसमें सेवानिवृत्ति के बाद किया गया विवाह (पोस्ट-रिटायरल स्पाउस) तथा न्यायिक रूप से पृथक जीवनसाथी भी शामिल हैं।
हालाँकि, वैवाहिक विवाद की स्थिति में, जहाँ कार्यवाही लंबित हो, महिला केंद्रीय सरकारी कर्मचारी या पेंशनभोगी अपने पात्र पुत्र या पुत्रों को पति की अपेक्षा प्राथमिकता के साथ पारिवारिक पेंशन के लिए नामित कर सकती हैं।
इसके पश्चात पारिवारिक पेंशन का अधिकार बच्चों को प्राप्त होता है, जिसमें सौतेले बच्चे, दत्तक बच्चे, पेंशनभोगी की सेवानिवृत्ति के बाद जन्मे बच्चे तथा मरणोपरांत जन्मे बच्चे शामिल हैं। उनकी पात्रता से संबंधित विस्तृत जानकारी एक अन्य वीडियो में दी गई है।
इसके बाद माता-पिता (दत्तक माता-पिता सहित) पात्र होते हैं, बशर्ते वे मृत सरकारी सेवक या पेंशनभोगी की मृत्यु से ठीक पहले उस पर पूर्णतः आश्रित हों।
अंतिम श्रेणी में दिव्यांग भाई या बहन आते हैं, यदि वे मृत सरकारी सेवक या पेंशनभोगी की मृत्यु से ठीक पहले पूर्णतः उस पर आश्रित थे।
इस श्रृंखला के आगामी वीडियो में आप पारिवारिक पेंशन की स्वीकृति की प्रक्रिया एवं पात्रता मानदंडों के बारे में विस्तार से जानेंगे।
धन्यवाद।
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